क्या करें जब कोई अपना ही हो मन का दंश ?

‘घर’ दुनिया की सबसे प्यारी जगह ! ‘परिवार’ सबसे सुरक्षित माहौल का नाम ! पर कभी-कभी यही वह जगह बन जाती हैं जहाँ आपका मन सबसे ज्यादा दर्द से गुजरता हैं। जहां से स्नेह, भरोसे का अमृत मिलना चाहिए वहीँ किसी से विषैला व्यवहार मिल रहा होता हैं। दोस्त, पड़ौसी या किसी दूर के रिश्तेदार…

By Dr.Gunjarika Ranka December 10, 2018 0

आध्यात्मिक होना… मतलब?

चाहे आप किसी भी धर्म में आस्था रखते हों, हम में से ज्यादातर इस बात पर तो यकीन रखते ही हैं की हमारे चारों और कोई अदृश्य शक्ति तो हैं। कभी शाश्वत सत्य की खोज, कभी ग्रह-नक्षत्रों की गणना, कभी आत्मा की यात्रा की खोज, कभी अनेकानेक अनुत्तरित आध्यात्मिक चमत्कारिक घटनाओं का मंथन कर के…

By Dr.Gunjarika Ranka December 9, 2018 0

Soulmate यानि जीवनसाथी ?

soul mate यानि आत्म-सखा… आत्मा का साथी… मनमीत ! मनमीत यानि वो जो मुझे समझता हो, मुझे कैसा महसूस होता हैं, उसे ये कह के बताना नहीं पड़ता, बिन कहे जो समझ ले — वही हैं soul mate ! बहुत खूबसूरत एहसास ! दिक्कत तब हो जाती हैं जब जीवनसाथी के ही soul mate होने की…

By Dr.Gunjarika Ranka December 7, 2018 0

सुनिए शिकायतों के पीछे का सच !

सर्दियों की छुट्टियों का आज तीसरा दिन हैं। 5 साल का सोनू गंभीर मुद्रा में माँ के पास आ कर बोला, ‘मम्मी मुझे आपसे कुछ बात करनी हैं’ ओह मेरा छोटा सा बच्चा और इतनी गंभीरता भरी आवाज़! क्या हुआ होगा! अचानक ही बच्चों के साथ होने वाली अनहोनी घटनाएं दिमाग में कौंध गयी !…

By Dr.Gunjarika Ranka December 5, 2018 0

यहाँ है चिंता का रिमोट कण्ट्रोल !

आपको भी लगता हैं कि आप चिन्ता करते नहीं हैं, चिन्ता तो अपने आप होती हैं…? कितनी परेशानियाँ हैं, एक ख़तम नहीं होती की दूसरी तैयार रहती हैं, बातें दिमाग से निकलती ही नहीं। ये जो लोग आज हमें परेशान कर रहे हैं ना ये सब और क्या क्या कर सकते हैं, सब पता हैं…

By Dr.Gunjarika Ranka November 12, 2018 0