Category: मनःस्थली

जब डिप्रेशन उलझाए हर बात…इस तरह दें अपना साथ !

डिप्रेशन से जूझते वक़्त हर छोटी से छोटी बात भी चुनौती बन जाती हैं। काम पर जाना हो, रिश्तेदारियाँ निभानी हो, दोस्तों से मिलना हो यहाँ तक की सुबह बिस्तर छोड़ना भी एक दुष्कर कार्य बन जाता हैं। पिछली बार हमने बात की थी क्या हैं ये डिप्रेशन. आज जानते हैं की डिप्रेशन के इन…

By Dr.Gunjarika Ranka March 12, 2019 0

है आपमें Guts? पर… Guts मतलब?

GUT – सुना हैं न ये नाम आपने ? Guts है तुम में कुछ कर दिखाने का ? या मेरी gut feeling कहती हैं की…वहाँ जाना ठीक नहीं रहेगा। क्या होता है ये Gut? जो आत्मविश्वास भी दर्शाता हैं और अन्तः प्रेरणा / छठी इंद्री भी। बायोलॉजी इस शब्द का सरलतम अर्थ बताती हैं – Gut…

By Dr.Gunjarika Ranka January 5, 2019 0

उलझ न जाये रिश्तों की डोर!

नेहा…. नेहा… क्या बात हैं अभी तक नाश्ते की कोई तैयारी नहीं हुई हैं वक़्त का कुछ पता चलता हैं तुम्हें या नहीं?? सुनीता जी की तेज आवाज़ घर में गूँज गयी। नेहा उनकी बहु हैं, पांच महीने पहले ब्याह के आयी हुई। सौरभ उनकी आवाज़ सुन कर तुरंत रसोई में आया “मम्मी नेहा की…

By Dr.Gunjarika Ranka January 3, 2019 0

5 अचूक तरीके जिनसे आप रूखें (rude) लोगों को निरुत्तर कर सकते हैं!

बहुत मुश्किल होता है खुद को रोकना जब बिना किसी वजह के कोई लगातार आपसे रूखा व्यवहार करता हो। हमें कोई हमारी गलती बताये तो बुरा नहीं लगता पर ऐसा करते हुए वह रूखेपन/बदत्तमीजी से बात करें तो वही बात चुभ जाती हैं। तीखे शब्द तीखे चाकू से भी ज्यादा गहरे चुभते हैं। ऐसी ही…

By Dr.Gunjarika Ranka December 29, 2018 0

क्या करें जब कोई अपना ही हो मन का दंश ?

‘घर’ दुनिया की सबसे प्यारी जगह ! ‘परिवार’ सबसे सुरक्षित माहौल का नाम ! पर कभी-कभी यही वह जगह बन जाती हैं जहाँ आपका मन सबसे ज्यादा दर्द से गुजरता हैं। जहां से स्नेह, भरोसे का अमृत मिलना चाहिए वहीँ किसी से विषैला व्यवहार मिल रहा होता हैं। दोस्त, पड़ौसी या किसी दूर के रिश्तेदार…

By Dr.Gunjarika Ranka December 10, 2018 0