Soulmate यानि जीवनसाथी ?

Soulmate यानि जीवनसाथी ?

December 7, 2018 0 By Dr.Gunjarika Ranka

soul mate यानि आत्म-सखा… आत्मा का साथी… मनमीत !

मनमीत यानि वो जो मुझे समझता हो, मुझे कैसा महसूस होता हैं, उसे ये कह के बताना नहीं पड़ता, बिन कहे जो समझ ले — वही हैं soul mate ! बहुत खूबसूरत एहसास !

Soulmate — ‘आत्म-सखा’ यानि दोस्ती का उच्चतम स्तर! कोई ऐसा जिस से सोच भी मिले, मन भी मिले… इतना हमारे जैसा हो की उसे आत्मा का मीत, आत्मा का दोस्त कह सकें ! दिलचस्प बात ये हैं की हम चाहते हैं की वह हमारे जैसा तो हो, पर जहाँ हम कमजोर पड़े वहां वह सम्हाल ले, जो कमियां हम में हैं वो उसमे न हों। वो ‘पूरक’ बनें यानि हमारे जैसा हो कर भी हमारे जैसा न हो। दरअसल हम चाहते है की हमारी सुविधा के अनुसार वह कभी “हमारे जैसा” हो और कभी “हमारे जैसा न हों” 🙂
इतना सब हम चाहते हैं वो भी एक ही व्यक्ति से और वह भी ऐसे व्यक्ति से जिसे प्रति दिन हमारे साथ रहना हैं — जीवन भर।

Soul mate शब्द को ले कर बहुत भ्रांतियाँ हैं। आमतौर पर जीवन साथी और soul mate को एक ही बात समझा जाता हैं और यही वजह हैं की इस रिश्ते पर सबसे अधिक बोझ आ जाता हैं। वैवाहिक सम्बन्धों में अक्सर आवश्यकता से कहीं अधिक अपेक्षाएं रख ली जाती हैं, जब की बहुत से अन्य सम्बन्धों की तरह यह भी ‘एक सम्बन्ध’ ही हैं। अन्य सम्बन्धों की तुलना में इस में एक-दूजे पर निर्भरता अधिक होती हैं पर फिर भी इस सम्बन्ध की भी अपनी सीमायें हैं। इन सीमाओं से अधिक अपेक्षाएं रखना इस रिश्तें को बोझिल बना देता हैं।ख़ास तौर पर तब जब हम अपने जीवन साथी को soul mate के रूप में देखना चाहते हैं और पाते हैं की वो नहीं हैं (ज़ाहिर हैं हम भी उनके लिए वह soul mate नहीं हैं!).

ये सारी आफत इसलिए हैं की soul mate शब्द का अर्थ ही गलत निकाल लिया गया हैं। पाश्चात्य देशों से आया प्रेम का over-rated संस्करण हैं ये शब्द।
तो क्या Soulmate कुछ नहीं होता ? बिलकुल होता हैं। और सिर्फ एक soulmate नहीं होता बहुत सारे soulmates होते हैं। Soulmate का अर्थ आत्मा का साथी यानि वे आत्माएं जिनके साथ कई-कई जन्मों का साथ चला आ रहा हैं अब वे गहरे दोस्त भी हो सकते हैं और गहरे दुश्मन भी। वे सब जिनके साथ कर्मों का लेन-देन चल रहा हैं, वे सब साथ में आते रहेंगे — बार-बार। क्योंकि जब तक ऋण चुकता न हो जाये हिसाब चला करते हैं !

कुछ ऐसे साथी होते हैं जो वास्तव में हमें बतौर आत्मा उन्नत (promote) होने में सहायता करने के लिए साथ आते हैं। पर इनके साथ सम्बन्ध ‘सांसारिक’ रूप से अच्छे दिखें या न दिखें पर अंत में हम पाते हैं की जीवन के बड़े सबक उन्होंने ही सिखाएं।

कैसे पहचानें अपने Soul mates को?

  • Soul mate दोस्त के रूप में मिल सकता हैं, किसी सम्बन्धी के रूप में मिल सकता हैं, प्रेमी भी हो सकता हैं और गुरु भी ! हम सभी कुछ न कुछ उद्देश्य (soul-agenda) ले कर जन्म लेते हैं और soul mate वह व्यक्ति होता हैं जो उद्देश्य की प्राप्ति में प्रेरक का कार्य करता हैं। वह हमारे अंदर उस उद्देश्य के प्रति उत्साह जगाता हैं। आपके जीवन में कोई भी ऐसा शख्स जो आपके अंदर किसी बदलाव की प्रेरणा बना हो, वह आपका soul mate हैं ! 
  • एक समयातीत परिचय का एहसास – कोई ऐसा जिस से आप जीवन के किसी भी पड़ाव पर मिलें, फिर भी हो एक पुरानी पहचान का एहसास, एक दूजे के प्रति एक सहजता, कि जिनसे कुछ कहने से पहले आपको अपनी बात को ‘पॉलिश’ ना करना पड़े।

 कुछ Soul mates किसी सीमित उद्देश्य के साथ ही आते हैं आपके जीवन में। संभव हैं आप उनसे सिर्फ एक ही बार मिलें। वे इस जन्म की आपकी योजना (soul-agenda) का हिस्सा होते हैं और संभव हैं कि वे अपने हिस्से का काम ख़त्म कर के विदा ले लें।

आपका जीवन साथी इन बहुत सारे soul-mates में से एक हैं, हालाँकि जिनसे बहुत गहरे कर्म बंधन हो. वे ही सबसे अधिक निकट के सम्बन्ध में आते हैं। पर यही वह व्यक्ति हैं जो आपकी चेतना को उन्नत करने में सहयोगी होगा यह आवश्यक नहीं हैं। हो सकता हैं कोई बड़ा ऋण चुकाना हो आपको उनका या उन्हें आपका और इस जन्म का यह निकट सम्बन्ध सिर्फ उतना ही उद्देश्य रखता हों। इसलिए अनावश्यक अपेक्षाओं से स्वयं को दूर रखिये। जिस तरह आपकी रसोई में अलग अलग चीजें पकाने के लिए अलग अलग बर्तन हैं और सभी का अपना महत्व हैं, विशिष्ट स्थितियों में आप एक बर्तन से दूसरे का काम लेने का प्रयास तो कर सकते हैं पर एक सीमा तक ही। मसलन चपाती, डोसा, चीला बनाने वाला तवा कभी-कभी सूखी सब्जी बनाने के काम तो आ सकता हैं पर आपका तवा आपके लिए दाल नहीं पका सकता! पर इस वजह से उसका महत्व कम नहीं हो जाता। ऐसे ही आपका जीवन साथी आपके लिए कुछ भूमिकाएं बहुत अच्छे से निभा सकता हैं, कुछ मुश्किल से, और कुछ भूमिकाएं उनके बस की बात ही नहीं हैं… तो, किसी में अपना “सबकुछ” न खोजिये और ना ही किसी का “सबकुछ” बनने के निरर्थक प्रयास से खुद को थकाइये 🙂

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