Category मनःस्थली (Mental Health)

मन क्या हैं? दिल या दिमाग या इन दोनों से अलग कोई तीसरी चीज? मन के साथ जुडी सबसे दिलचस्प बात ये है के इस नाम का कोई ऑर्गन हमारे शरीर में है ही नहीं! लेकिन फिर भी, ये मन, हमारे शरीर के हर एक अंग को, हर एक सिस्टम को प्रभावित करने की क्षमता रखता है। एक ओर, मन हमें तर्क को व्यवस्थित करने, योजना बनाने, समझने, बनाने, कल्पना करने और तर्क का उपयोग करने में मदद करता है लेकिन दूसरी ओर, अनियंत्रित मन अज्ञानी, पूर्वाग्रही, घृणित, अतार्किक, और बहकाने वाला होता है।
मन का इस्तेमाल रचनात्मक भी हो सकता हैं यही मन अकल्पनीय विनाश के उपकरण के रूप में भी बदल सकता है। हमारे सभी दुख मन से उपजते हैं और मन में ही बसते हैं अनकहे ख़याल, विश्वास, सोच और सुख।
इस श्रेणी में उन सभी लेखों को शामिल किया गया है जिन्हें हमने मन को समझने के बारे में लिखा है।

जजमेंटल है क्या ??

पुरानी कहावत है कि चावल पक गए हैं या नहीं यह जाँचने के लिए चावल का एक दाना देख लेना काफ़ी होता है। सारे चावलों को दबा कर “परखने” की ज़रूरत नहीं होती। परखने की इस “तकनीक” के हम इतने क़ायल हैं कि सामने चावल हो या इंसान सभी के लिए इसी तकनीक का इस्तेमाल करने लगते हैं। आप कह सकते हैं, "हमारे पास बुद्धि है, बरसों का अनुभव है, तो क्या सामने वाले को “परखें” भी ना? अगर इतना भी न कर सकें तो फिर किस काम का सारा ज्ञान!"

क्या करूँ…कंट्रोल नहीं होता !

क्या खाना चाहिए — पता है। कब खाना चाहिए  — ये भी पता है। पर क्या करें… “ ख़ुद को रोक नहीं पाते ” यही उलझन आपकी भी है तो इसका मतलब है कि आपने अपने घर (शरीर) के द्वार…

स्वप्न – मन के तहखाने से आये सन्देश!

सपने हमेशा से एक रहस्यमयी चीज रहें हैं। हम सब हर रोज सपने देखते हैं कुछ सपने हमें याद रहते हैं, कुछ नहीं। कुछ सपने ख़ुशी देते हैं तो कुछ डराते हैं और कुछ ऐसे होते हैं जो पहेली सा…

जीना इसी का नाम है…

जिंदगी जैसे मशीन सी चल रही है बे-रौनक… बे-मतलब सी. अपने आस पास सब नकली सा लगता है… बुझा बुझा सा! जाने क्यों सब कुछ होते हुए मन खुश नहीं रहता। क्या आपको भी लगता है कभी ऐसा… कि कुछ…

स्त्री ही स्त्री की सबसे बड़ी शत्रु – सत्य और तथ्य

“जो चीज़ प्रचुरता में ना मिले उसकी भूख बाकी रह जाती है” यह बात हमारे जीवन से जुड़ी हर वस्तु, हर भाव पर लागू होती है। ऐसे ही कुछ अति महत्वपूर्ण भाव हैं – सम्मान, स्वाभिमान, और निजी निर्णय लेने…

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